11

Thought of the day in hindi font

दुनिया भर की कमजोरी का
 पता लगाने से बहुत अच्छा है,
मनुष्य अपने दुर्गुणों और
 कमजोरियों का पता लगाए।


-हजारी प्रसाद द्विवेदी






गलती खुद अंधी होती है, लेकिन वह ऐसी संतान पैदा करती हैजो देख सकती है। 



                                           एक कहावत 



*********************


सुविचार बिन्दु

"भय को नजदीक न आने दो अगर यह नजदीक आये इस पर हमला करदो यानी भय से भागो मत इसका सामना करो ."

चाणक्य सूक्ति वाक्य  



*********************





"कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन सवाल अपने आपसे पूछो ---मैं ऐसा क्यों करने जा रहा हूँ ? इसका क्या परिणाम होगा ? क्या मैं सफल रहूँगा ?"

चाणक्य सूक्ति वाक्य  



*********************




जब तक जीना, तब तक सीखना। यानी अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। 

- स्वामी विवेकानंद 



*********************




धन से आज तक किसी को खुशी नहीं मिली और न ही मिलेगी। जितना अधिक व्यक्ति के पास धन होता है, वह उससे कहीं अधिक चाहता है। धन रिक्त स्थान को भरने के बजाय शून्यता को पैदा करता है। 

- बेंजामिन फ्रेंकलिन 



*********************



ज्ञान असीमित है, लेकिन उसका लक्ष्य मनुष्य की पाशविक प्रवृत्तियों को समाप्त करना है। 

-पंडित मदनमोहन मालवीय




*********************






  भोलापन क्च बहुत अधिक सीधा और सरल होना भी पाप है। यह एक पाप ही अनेक दुर्बलताओं का कारण बनता है।

                                      स्वामी विवेकानंद




*********************





जीवन निर्माण क्च हमें जो मिलता है 
उससे हमारा जीवन निर्वाह होता है, 
 लेकिन हम जो देते हैं, उससे जीवन
 निर्माण होता है।

विंस्टन चर्चिल




*********************



आलस्य में दरिद्रता का वास है, और 
जो आलस्य नहीं करता है उसके 
परिश्रम में लक्ष्मी बसती हैं।
 -तिरुवल्लुवर




*********************


THOUGHT OF THE DAY IN HINDI 02

गुलाब को उपदेश देने की जरूरत नहीं होती।
 वह तो केवल अपनी खुशबू बिखेरता है।
 उसकी खुशबू ही उसका संदेश है।

- महात्मा गांधी




*********************



जो सोचता है कर पाएगा वह कर 
पाता है,  और जो नहीं कर पाने 
की सोचता है वह नहीं कर पाता है।
 यह एक अनवरत निर्विवाद नियम है।

-पाब्लो पिकासो




*********************


suvichar in hindi font

अपनी भूलों को स्वीकारना उस 
झाड़ू के समान है जो गंदगी को 
साफ कर उस स्थान को पहले से 
अधिक साफ कर देती है।

                                                          - महात्मा गांधी






Previous Post Next Post Home